ऐसी अपनी वाईफ हो........
५'.५" जिसकी हाईट हो,
जीन्स जिसकी टाईट हो,
चेहरा जिसका ब्राईट हो,
वेट मे थोडी लाईट हो,
उमर मे थोडी स्लाईट हो,
थोडीसी क्वाईट हो,
ऐसी अपनी वाईफ हो........
सडक पे सब कहे क्या क्युट हो,
भीड मे सव कहे साईड हो साईड हो,
इंडीया की पैदाईश हो,
सास की सेवा जिसकी ख्वाईश हो,
ऐसी अपनी वाईफ हो........
पडोसी जब बात करे तो हाथ मे नाईफ हो,
डिनर कॅन्डल लाईट हो,
दोनो मे ना कभी फाईट हो,
मिलने के बाड दिल डिलाईट हो,
हे प्रभु तेरी अर्चना उसकी लाईफ हो,
ऐ कविता पधकर सब कहे , गुरु तुम राईट हो,
ऐसी अपनी वाईफ हो........
काश ऐ कन्सेप्ट ०.०००१ परसेन्ट भी राईट हो,
अगर ऐसी अपनी वाईफ हो तो क्या हसिन अपनी लाईफ हो,
हर किसी की यह फर्माईश हो ,
कुदरत कि भी आजमाईश हो,
खुदा के भी सॉफ्टवेअर मे भी बग कि ना गुंजाईश हो,
ऐसी अपनी वाईफ हो........
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